486 शिक्षकों का स्थानांतरण



गोड्डा : युक्तीकरण के तहत जिले के 486 प्राथमिक शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इसके लिए विगत एक माह से भी अधिक समय से कवायद चल रही थी। मंगलवार की रात सूची सार्वजनिक कर दी गई। गौरतलब हो कि युक्तीकरण के क्रम में अगस्त में 399 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया था जिसमें व्यापक पैमाने पर अनियमितता की शिकायत उपायुक्त किरण कुमारी पासी को मिली थी। जांच के बाद स्थानांतरण की पूरी सूची रद कर दी गई थी। इसके बाद उपविकास आयुक्त सुनील कुमार की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया जिसमें डीआरडीए निदेशक अरुण एक्का, डीएसई जितेंद्र कुमार आदि शामिल थे। 

कमेटी ने शिक्षकों को एक-एक बुलाया और उनके समक्ष रिक्त पदों की सूची रखते हुए उसमें से चुनने को कहा। शिक्षकों ने विकल्प चुना और उसकी सूची सार्वजनिक की गई। उसपर दावा आपत्ति भी मांगा गया। दावा आपत्ति का निष्पादन करने के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की गई। हालांकि गोड्डा प्रखंड में केवल महिलाओं के लिए ही रिक्तियां थी। महिला शिक्षकाओं ने ही सभी रिक्ति को भर दिया लेकिन बाद में निकली सूची में कुछ पुरुषों का नाम भी शामिल है। गोड्डा प्रखंड में 10 पुरुष शिक्षकों को जगह मिली है। काउंसिलिंग में शामिल होनेवाले कई शिक्षकों का नाम अंतिम सूची से वह गायब हो गया। कई शिक्षकों का कहना है कि प्रखंडवार शिक्षकों द्वारा चुने गए स्कूलों को प्रशासन द्वारा नेट पर डाला गया था। केवल उसी सूची को मिलान कर लिया जाए तो पता चल जाएगा कि कहां पर हेराफेरी की गई है। उपायुक्त दोषियों पर तुरंत कार्रवाई करे। आम शिक्षक कह रहे हैं कि जब डीसी ने डीडीसी की अध्यक्षता में सब काम पारदर्शी तरीके से किया फिर सूची में उलट-पलट किसने कर दिया। इन शिक्षकों का कहना है कि प्रशासन चुने विकल्प सूची के आधार पर ही शिक्षकों को विद्यालय दे। 

गुरुवार को कुछ शिक्षकों ने उपायुक्त को आवेदन देकर स्थानांतरण में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए आवेदन भी दिया। उधर, कमेटी के नोडल पदाधिकारी डीआरडीए निदेशक अरुण एक्का का कहना है कि सब कुछ पारदर्शिता के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्ति के निष्पादन के क्रम में कुछ शिक्षकों को इधर से उधर किया गया है।
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