XtraStudy

कैसे पता करें कि आपको कोरोना है, कहां कराएं जांच, पॉजिटिव होने पर क्या करें? यहां है पूरी जानकारी





कोरोना वायरस का बढ़ता संक्रमण देश और दुनिया के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। इस समय जिस तेजी से आंकड़े बढ़ रहे हैं, उसको लेकर बहुत घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग ठीक होते जा रहे हैं। इस माहौल में हल्की सर्दी, खांसी, बुखार में भी लोगों के मन में आशंका होने लगती है कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं! दरअसल, मौसम में हो रहे बदलाव के कारण इस समय लोगों को वायरल फ्लू भी हो सकता है। चूंकि कोरोना के लक्षण फ्लू से मिलते हैं, इसलिए लोग सशंकित रहते हैं। हालांकि जानकारी ही बचाव है, इसलिए आशंका के लिए समाधान जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारियों के मुताबिक, हम आपको बता रहे हैं कि आपको क्या करना चाहिए। 

हल्के लक्षण:

  1. बुखार (100 डिग्री के करीब), 
  2. खांसी, सिर दर्द, 
  3. स्वाद या गंध महसूस न होना
  4. जी मिचलाना, दस्त
  5. मांसपेशियों में दर्द

हल्के लक्षण हैं तो क्या करें:

आप किसी घरेलू चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं या पड़ोस के मोहल्ला क्लीनिक भी जा सकते है।
डॉक्टर आवश्यकता होने पर जांच कराएंगे और एहतियात के तौर पर होम आइसोलेशन की सलाह दे सकते हैं। 
14 दिनों के दौरान अगर सच में कोरोना संक्रमण होगा तो आगे इलाज की सलाह देंगे। 

कोरोना के गंभीर लक्षण 

शुरुआती लक्षणों के अलावा यदि गंभीरता बढ़ती है तो अन्य लक्षण भी दिखेंगे। जैसे-
  1. सांस लेने में तकलीफ बढ़ना 
  2. तीन या चार दिन से तेज बुखार रहना
मधुमेह, अस्थमा, हाइपरटेंशन, हृदय रोग, किडनी संबंधी बीमारी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों में शुरुआती लक्षण भी दिखे तो उन्हें गंभीर समझना चाहिए।


गंभीर लक्षणों में क्या करें?

कोरोना के गंभीर लक्षण हों तो घरेलू उपचार करने की बजाय आपको बढ़िया डॉक्टर से दिखाने की जरूरत है। 
आरोग्य सेतु एप पर भी इस बारे में दिशानिर्देश दिए गए हैं। इसमें सेल्फ एसेसमेंट भी कर सकते हैं। 
गंभीर लक्षणों पर आपको नजदीकी कोविड अस्पताल जाने की जरूरत है। 

जांच कराने के लिए ये डॉक्यूमेंट यानी दस्तावेज जरूरी

  1. डॉक्टर का पर्चा (ई-पर्चा सहित)
  2. एक सरकारी फोटो पहचान पत्र वोटर आईडी/आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस/पासपोर्ट वगैरह)
  3. फॉर्म 44 या कोविड-19 फॉर्म (यह चिकित्सक या या निजी प्रयोगशालाओं की वेबसाइट पर उपलब्ध है)

अगर आपकी कोविड 19 रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो.....

एक सरकारी टीम आपसे संपर्क कर यह निर्धारित करेगी कि आपके लिए क्या करना चाहिए। 

होम क्वारंटीन: 
असिम्प्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले या फिर बहुत हल्के लक्षण वालों के पास खुद को होम क्वारंटीन या सेल्फ आइसोलेशन के लिए अलग कमरे की व्यवस्था है, तो वे घर पर रह सकते हैं। दिल्ली सरकार उन्हें नियमित निगरानी और सहायता उपलब्ध कराएगी। दिल्ली में होम क्वारंटीन मरीजों को दिल्ली सरकार पल्स ऑक्सीमीटर देगी, ताकि वे ऑक्सीजन का स्तर माप सके। 

कोविड केयर सेंटर: 
अगर आपमें हल्के हल्के लक्षण हैं, पर खुद को होम क्वारंटीन या सेल्फ आइसोलेशन के लिए एक अलग कमरा नहीं है तो कोविड केयर सेंटर में भर्ती हो सकते हैं। स्थानीय जिला निगरानी अधिकारी आपको कोविड केयर केंद्र में भर्ती करने की व्यवस्था करेंगे।

अस्पताल: 
यदि आपमें कोरोना के गंभीर लक्षण हैं और कई दूसरी परेशानियों से भी ग्रस्त हैं तो पास के सरकारी या निजी कोविड 19 अस्पताल जाने की जरूरत है। डरने या घबराने की नहीं, बल्कि हौसला रखने की जरूरत है। तीन से 14 दिनों के अंदर लोग ठीक होकर अस्पताल से घर लौट जा रहे हैं। और अब तो प्रायोगिक तौर पर कई दवाएं भी उपलब्ध है। 

Post a comment

0 Comments